मौसम पूर्वानुमान : मानसून 2020



हर वर्ष बारिश से देश के विभिन्न राज्यों में भारी नुकसान का सामना किया जाता है। पर प्रकृति पर किसी का नियंत्रण नहीं। इस वर्ष भी देशभर में भरी बारिश का सामना किया जा रहा है जिनमें सबसे प्रभावित क्षेत्र हैं बिहार, आसम, केरल व मुंबई। हालांकि सरकार भारी बारिश की चेतावनी व मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सारे बचाव कार्य समय रहते ही शुरू करवा देती है।


बुधवार 5 अगस्त को हुई मुंबई कि बारिश ने लगभग 2 महीनों के अंतराल में 2,066 मिमी और 2,260.4 मिमी की औसत वर्षा दर्ज कि है वा साथ ही चार महीनों की औसत वर्षो को पीछे छोड़ दिया है। अब तक आईएमडी कोलाबा ने 2,301.8 मिमी और सांताक्रूज़ 2,338.2 मिमी बारिश दर्ज कि है।


इसी वर्ष कि बारिश ने एक और नया रिकॉर्ड बनाया है। आईएमडी के कोलाबा वेधशाला ने बुधवार 5 अगस्त को 12:30 बजे से 8.30 बजे के 12 घंटों में 293.8 मिमी बारिश दर्ज की। यह बारिश पिछले 46 वर्षों में 1974 के बाद अगस्त के महीने में सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश दर्ज कि गई है। वहीं आईएमडी के सांताक्रूज़ वेधशाला ने 5 अगस्त 12:30 बजे से 8.30 बजे के 12 घंटों में 103 मिमी बारिश दर्ज की है।




भारी बारिश के दौरान हवाओं ने भी तेजी पकड़ी है। मुंबई के कई इलाकों में 70-80 किमी प्रति घंटे की सीमा में हवाएं चली व साथ ही ठाणे और नवी मुंबई व आसपास के इलाकों में भरी वर्षा की चेतावनी दी गयी है। टापू शहर होने के कारण व समुद्र ताल के करीब होने की वजह से मछुआरों को समुद्र में जाने के खिलाफ सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में भरी बारिश व हवाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित गुजरात, तटीय महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक और केरला होंगे। साथ ही गुजराज के अलग- अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी गिरावट संभव है। गोवा में भारी बारिश और गरज के साथ बारिश हो सकती है।


मौजूदा मौसम की स्थिति को ज्ञात करते हुए यह अनुमानित किया गया है की मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में तीव्र वर्षा के कारण हैं उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल चक्रवाती संचालन व दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ ट्रोपोस्फेरिक स्तर। हालांकि, आईएमडी ने यह भी कहा कि पश्चिम उत्तर-पश्चिम में अगले दो दिनों के दौरान धीरे-धीरे इस प्रभाव के कमजोर होने की संभावना है।


वहीं ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व विधारभा में बड़े पैमाने 9 से 12 अगस्त के बिच व्यापक वर्षा होने की पुष्टि की गयी है। 9 अगस्त से एक कम प्रेशर का क्षेत्र लगभग पश्चिम मध्य और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में विकसित होने की संभावना है जिसके प्रभाव के तहत वर्षा की गतिविधि तटवर्ती और मध्य भारत में 9 अगस्त से बढ़ सकती हैं।





आईएमडी के शोध अनुसार मानसून अभी अपने तर्ज पर है व साथ ही बहुत सक्रिय है। इसी अनुसार दक्षिण, पूर्व व पच्छिम के बाद अब इसका पश्चिमी छोर बहुत तेजी से 8 अगस्त से हिमालय की तलहटी की ओर धीरे-धीरे उत्तर की ओर जाने की संभावना में है।


https://youtu.be/Fz1X9gu6KOo



भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पिछले सप्ताह के दौरान मौसम प्रदान करने वीडियो जारी किया है। यह आईएमडी के प्रख्यात वैज्ञानिकों द्वारा दिया गया है। इन दैनिक और साप्ताहिक वीडियो से महत्वपूर्ण यह है कि आईएमडी मौसम की निरंतर निगरानी और भविष्यवाणी कर रहा है और विशेष रूप COVID महामारी परिदृश्य के दौरान नवीनतम उपकरणों और तकनीकों का उपयोग करके अपनी सार्वजनिक मौसम सेवाओं को बढ़ा रहा है।


Official Writer: ATISHA AGARWAL

 

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