राजा दशरथ विवाह |

रामायण के प्रमुख पात्र राम के पिता राजा दशरथ थे। दशरथ के पिता का नाम अज और माता का नाम इंदुमती था। दशरथ की माता इंदुमती की मृत्यु दशरथ की बाल्यकाल में ही होगी थी।जैसे ही दशरथ युवा होने लगे पिता ने उन्हें राजकाज की जिम्मेदारी सौंप दी खुद राजा अज ने अन्न जल का त्याग करके मृत्यु का वरण कर लिया।


महाआमात्य जांबाली ओर आमात्य सुमन के कहने से गुरु वशिष्ठ जी ने राजा दशरथ को विवाह करने के लिए प्रस्ताव रखा इसके लिए कौशल नरेश राजा की पुत्री कौशल्या का नाम रखा गया।भानुमान कौशल नरेश ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया जिससे दशरथ ने कौशल नरेश पर चढ़ाई कर दिए कौशल नरेश की पुत्री को बलात जबरन उठा कर ले आए और शादी की रस्म को पूरा किया।



दशरथ राजा के कई वर्षो तक कोई कौशल्या से संतान नहीं हुई जिससे राजा दशरथ चिंतित रहते थे, राजा की चिंता देखकर कौशल्या ने राजा दशरथ को दूसरा विवाह करने के लिए कहा जिससे कैकय नरेश अश्वपति की पुत्री‌ केकय का नाम अश्वपति ने दशरथ और कैकई के विवाह की अनुमति तो दी लेकिन एक शर्त रख दी शर्त के अनुसार दशरथ की मृत्यु के बाद राज्य का उत्तराधिकारी केवल केकय से जन्मा पुत्र ही होगा। दशरथ जी इस शर्त को मंजूर कर लिया दशरथ और केकय की शादी हो गई। इधर काशी नरेश की पुत्री की सुकरता के चर्चा भी चारों ओर फैल रहे थे राजा दशरथ का मन उस ओर आकर्षित हो गया दशरथ ने काशीनरेश को संदेश भेजा कि या तो अपनी पुत्री सुमित्रा का विवाह हमसे करें या युद्ध के लिए तैयार रहे ।



सुमित्रा बहुत समझदार थी उसने अपने पिता से कहा कि काशीराजधानी अयोध्या से छोटी सी है। हम राजा दशरथ को जीत नहीं सकते अगर युद्ध हुआ तो दशरथ मेरे अलावा कई कन्याओं को बलात उठाकर ले जाएंगे हमारे कई सैनिक भी मारे जाएंगे अतः सुमित्रा ने राजा दशरथ से विवाह कर लिया।

काफी वर्षों तक दशरथ के कोई संतान नहीं हुए।नारद मुनि के कहने से पुत्रेस्टी यक्ष के लिए श्रृंगी श्रृषी को बुलाया गया श्रृंगी श्रृषी शांता के पति थे शान्ता की माता कौशल्या की बड़ी बहन वर्षिणी थी पिता दशरथ के मित्र अंग नरेश रोम पद की पुत्री थी राजा दशरथ और कौशल्या दोनों ही श्रृंगी श्रृषी को यक्ष के लिए आमंत्रित करने गए थे।'



 
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